शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। संभागीय परिवहन विभाग में ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामान्यतः 10 से 15 दिनों के भीतर स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस डाक के माध्यम से आवेदक के घर पहुंच जाना चाहिए, लेकिन पिछले वर्ष कंपनी का ठेका बदलने के कारण बड़ी संख्या में आवेदकों को अब भी लंबे इंतजार का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों के लाइसेंस आठ-आठ महीने बाद पहुंच रहे हैं, जबकि कुछ आवेदकों को अब तक उनका लाइसेंस नहीं मिला है।
बेहट रोड स्थित ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बंद होने के बाद स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया में तेजी आई है। वर्तमान में प्रतिदिन 30 से अधिक स्थायी लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। वहीं लर्निंग लाइसेंस की सुविधा पूरी तरह ऑनलाइन होने के कारण आवेदक घर बैठे आवेदन कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार अक्टूबर 2025 में ड्राइविंग लाइसेंस प्रिंटिंग का ठेका नई कंपनी को सौंपा गया था। ठेका परिवर्तन के दौरान बड़ी संख्या में लंबित आवेदनों की प्रिंटिंग और डाक व्यवस्था प्रभावित हुई, जिसका असर अब तक देखने को मिल रहा है। जिन लोगों ने उस अवधि में स्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, उन्हें निर्धारित समय सीमा से कई माह अधिक इंतजार करना पड़ रहा है।
लाइसेंस नहीं मिलने से परेशान लोग लगातार ट्रांसपोर्ट नगर स्थित आरटीओ कार्यालय पहुंचकर जानकारी ले रहे हैं। कई आवेदकों का कहना है कि ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
संभागीय निरीक्षक रोहित कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल नए स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस निर्धारित समय के भीतर भेजे जा रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले वर्ष प्रिंटिंग एजेंसी बदलने के कारण कुछ लाइसेंस लंबित हो गए थे, जिन्हें अब चरणबद्ध तरीके से आवेदकों तक पहुंचाया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि शेष लंबित मामलों का भी जल्द निस्तारण कर दिया जाए।








