शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े प्रकरण में एसआईटी को लिखे गए पत्र का समर्थन करते हुए कहा कि मंदिर ट्रस्ट पर हजारों करोड़ रुपये के कथित घोटाले और चोरी के आरोप लगाने वाले राजनीतिक नेताओं को जांच एजेंसी के समक्ष तलब किया जाना चाहिए।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में विकास त्यागी ने कहा कि यदि आरोप लगाने वाले नेताओं के पास अपने दावों के समर्थन में ठोस साक्ष्य हैं तो उन्हें जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। यदि आरोप निराधार साबित होते हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि बिना प्रमाण के सार्वजनिक आरोप लगाने की प्रवृत्ति पर रोक लग सके।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग राम मंदिर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं और दान में दी गई वस्तुओं को लेकर भी भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार मंदिर ट्रस्ट को इस प्रकार के आरोपों पर तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करते हुए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
विकास त्यागी ने कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है और इसका निर्माण देशभर के लोगों के सहयोग एवं समर्पण से हुआ है। ऐसे में मंदिर से जुड़े मामलों पर किसी भी प्रकार के आरोपों की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है, जिससे सत्य सामने आ सके।
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की निष्पक्ष जांच की बात का समर्थन करते हुए कहा कि यदि आवश्यकता महसूस हो तो मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से भी कराई जा सकती है, ताकि सभी तथ्यों का स्पष्ट रूप से पता चल सके और यदि किसी स्तर पर कोई अनियमितता या झूठे आरोप पाए जाएं तो कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
विकास त्यागी ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक आस्था से जुड़े विषयों पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों और जांच प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निष्पक्ष जांच से पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।








