शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। बढ़ती महंगाई, ईंधन की लगातार बढ़ रही कीमतों और बिजली बिलों में बढ़ते भार को लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश की सहारनपुर इकाई ने सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। व्यापारियों ने पेट्रोल-डीजल, घरेलू एवं कमर्शियल एलपीजी गैस के दाम कम करने, उत्तर प्रदेश में बिजली बिलों पर लगाए गए 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार को वापस लेने तथा महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।
वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष दिनेश माहेश्वरी के नेतृत्व में पहुंचे व्यापारी प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई का सबसे अधिक असर व्यापारियों, लघु उद्योगों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों से परिवहन लागत में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसका सीधा प्रभाव खाद्य पदार्थों सहित रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है।
व्यापार मंडल ने ज्ञापन में कहा कि घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर महंगे होने से आम परिवारों का मासिक बजट बिगड़ रहा है, जबकि कमर्शियल गैस सिलेंडर की ऊंची कीमतों ने होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ा दी है। इसी प्रकार बिजली बिलों पर लगाए गए 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार से व्यापारी वर्ग अतिरिक्त आर्थिक बोझ झेल रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से मांग की कि घरेलू एलपीजी पर सब्सिडी दोबारा लागू की जाए, कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कमी लाई जाए, बिजली बिलों से ईंधन अधिभार समाप्त किया जाए तथा परिवहन लागत कम करने के लिए प्रभावी नीति बनाई जाए। व्यापारियों का कहना था कि यदि समय रहते महंगाई पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इसका सीधा असर व्यापार, रोजगार और आम जनता की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा।
व्यापार मंडल ने चेतावनी दी कि लगातार बढ़ती लागत से छोटे व्यापारी और लघु उद्योग गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। यदि राहत नहीं मिली तो व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रांतीय मंत्री बृजपाल सहगल, अनिल त्यागी, संजय सैनी, जिलाध्यक्ष नरेश गोयल, जिला महामंत्री सुनील राणा, महानगर अध्यक्ष पंकज गुप्ता, सौरव गर्ग, हिमांशु जैन सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं व्यापारी उपस्थित रहे। व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर महंगाई पर नियंत्रण के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।








