शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सहारनपुर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति के 7 लाख 25 हजार रुपये वापस कराए हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को बड़ी आर्थिक राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार देवबंद के कैलाशपुरम कॉलोनी, रेलवे रोड निवासी मोहित कुमार सिंघल ने 30 जून 2026 को थाना साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि अज्ञात साइबर ठगों ने RTGS के माध्यम से उनके बैंक खातों से 7 लाख 36 हजार रुपये धोखाधड़ी कर निकाल लिए।
शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम में मु0अ0सं0 35/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66D के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर के निर्देशन में साइबर अपराध की रोकथाम एवं साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों की धनराशि वापस दिलाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक नगर (नोडल अधिकारी साइबर अपराध), क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम तथा प्रभारी निरीक्षक थाना साइबर क्राइम के नेतृत्व में टीम ने तत्काल कार्रवाई की।
तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग समन्वय और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पुलिस टीम ने ठगी गई राशि में से ₹7,25,000 पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दिए। खाते में धनराशि वापस आने पर पीड़ित मोहित कुमार सिंघल ने सहारनपुर पुलिस एवं साइबर क्राइम थाना की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
सहारनपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक, ओटीपी, बैंकिंग जानकारी या संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन पर भरोसा न करें। यदि साइबर ठगी की घटना हो तो तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या www.cybercrime.gov.in� पर शिकायत दर्ज कराएं तथा नजदीकी साइबर थाना से संपर्क करें। समय पर शिकायत मिलने से धनराशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
धनराशि वापस कराने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक जावेद खान, विवेचक निरीक्षक सुरेंद्र कुमार, महिला उपनिरीक्षक रश्मी कुमारी, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार तथा हेड कांस्टेबल निशांत शामिल रहे।








