शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के 78वें स्थापना दिवस के अवसर पर सहारनपुर महानगर इकाई द्वारा नालंदा वर्ल्ड स्कूल में “छात्र शक्ति-राष्ट्र शक्ति” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण और संगठन विस्तार का संदेश देते हुए प्रत्येक विद्यालय एवं महाविद्यालय तक संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं वंदे मातरम् के साथ हुआ। मुख्य अतिथि नालंदा वर्ल्ड स्कूल के प्रधानाचार्य मुकुल चौधरी ने कहा कि विद्यालयों की भूमिका केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का विकास करना भी शिक्षा संस्थानों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि अभाविप इस दिशा में वर्षों से उल्लेखनीय कार्य कर रही है।
मुख्य वक्ता मेरठ प्रांत के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. दिनकर मलिक ने अभाविप के 78 वर्षों के इतिहास और संगठनात्मक कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 9 जुलाई 1949 को “ज्ञान-शील-एकता” और “छात्र शक्ति-राष्ट्र शक्ति” के मूल मंत्र के साथ संगठन की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने शिक्षा, समाज और राष्ट्रहित के अनेक आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज के विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित न रहकर सामाजिक उत्तरदायित्वों को भी समझना होगा। यही युवा शक्ति भविष्य के सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की आधारशिला बनेगी।
विशिष्ट अतिथि एवं विभाग संगठन मंत्री सत्येंद्र सिंह ने कहा कि अभाविप का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम की भावना से कार्य करता है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में संगठन महानगर के प्रत्येक विद्यालय और महाविद्यालय में अपनी सक्रियता बढ़ाएगा तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों को राष्ट्रहित के कार्यों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच के साथ समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में प्रांत सह संयोजक प्रिंस कोरी, महानगर सहमंत्री कार्तिक धीमान, सहमंत्री अभिषेक मित्तल, हकीकत नगर मंत्री कृष्ण गुप्ता तथा हकीकत नगर सहमंत्री सावंत ने भी विद्यार्थियों को संगठन की विचारधारा और सामाजिक दायित्वों से अवगत कराया। वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थी परिषद केवल छात्र संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त अभियान है, जो युवाओं को नेतृत्व, सेवा और सामाजिक चेतना के लिए प्रेरित करता है।
संगोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों ने राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और संगठन विस्तार का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन मुकुल शर्मा ने किया तथा अंत में राष्ट्रगान और भारत माता की जय के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।








