मनोज मिड्ढा
सहारनपुर। नगर निगम कार्यकारिणी के बहुप्रतीक्षित चुनाव को अंतिम समय पर स्थगित कर दिया गया है। यह चुनाव सोमवार 13 जुलाई को होना था, लेकिन पत्रावलियों में कथित त्रुटियों के कारण इसे तत्काल प्रभाव से टाल दिया गया। अब कार्यकारिणी का चुनाव 17 जुलाई को कराया जाएगा। चुनाव स्थगित होने की सूचना मिलते ही नगर निगम परिसर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई और चुनावी समीकरणों पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
नगर निगम कार्यकारिणी के गठन को लेकर पिछले करीब एक महीने से पार्षदों के बीच लगातार राजनीतिक गतिविधियां, रणनीति और समर्थन जुटाने का दौर चल रहा था। विभिन्न दलों के पार्षद अपने-अपने प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे थे। कई दौर की बैठकों और अंदरखाने चल रही चर्चाओं के बीच चुनाव को लेकर माहौल पूरी तरह गरमा चुका था।
बताया जा रहा है कि पुराने सहारनपुर क्षेत्र से तीन पार्षद कार्यकारिणी सदस्य बनने की दौड़ में शामिल हैं। इनमें दो अलग-अलग मजबूत राजनीतिक गुटों के समर्थित प्रत्याशी बताए जा रहे हैं, जबकि एक अन्य प्रभावशाली पार्षद भी अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। कार्यकारिणी की कुल छह सदस्यीय सीटों के लिए चुनाव होना है, जिसके चलते मुकाबला काफी रोचक माना जा रहा है।
प्रत्याशी और उनके समर्थक चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने के लिए नगर निगम पहुंचने की तैयारी कर चुके थे। इसी बीच अंतिम समय में चुनाव स्थगित होने की सूचना मिलने से सभी हैरान रह गए। चुनाव टलने के बाद समर्थकों के बीच नए राजनीतिक समीकरणों और संभावित रणनीतियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि अतिरिक्त समय मिलने से अब प्रत्याशी अपने समर्थन को और मजबूत करने की कोशिश करेंगे।
इस संबंध में महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि कार्यकारिणी चुनाव से संबंधित पत्रावलियों में कुछ कथित त्रुटियां सामने आने के कारण चुनाव को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अब चुनाव 17 जुलाई को संपन्न कराया जाएगा।
चुनाव स्थगित होने से एक ओर जहां प्रत्याशियों को अपनी रणनीति मजबूत करने का अतिरिक्त समय मिल गया है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार भी गर्म हो गया है। पार्षदों के बीच समर्थन जुटाने की कवायद अब और तेज होने की संभावना है। नगर निगम की कार्यकारिणी को महत्वपूर्ण वित्तीय एवं प्रशासनिक निर्णयों में अहम भूमिका निभानी होती है, इसलिए इस चुनाव को स्थानीय राजनीति की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब सभी की निगाहें 17 जुलाई पर टिक गई हैं, जब यह तय होगा कि नगर निगम कार्यकारिणी में जगह बनाने वाले छह सदस्य कौन होंगे और किस राजनीतिक गुट का पलड़ा भारी रहेगा।








