शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विकसित किए जा रहे सहारनपुर में जल निकासी व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुल गई है। बारिश थमे हुए करीब तीन दिन बीत चुके हैं और शहर की अधिकांश सड़कों से पानी उतर चुका है, लेकिन दिल्ली रोड स्थित स्टेट बैंक कॉलोनी से सेंट्रल पार्क कॉलोनी को जोड़ने वाले मार्ग पर आज भी बारिश का पानी भरा हुआ है। इससे राहगीरों, वाहन चालकों और आसपास के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जलभराव का मुख्य कारण नालियों पर किया गया अवैध कब्जा है। उनका कहना है कि कुछ लोगों ने नाली के भीतर ही दीवार खड़ी कर दुकान का निर्माण कर लिया है, जबकि एक अन्य स्थान पर भी नाली के ऊपर निर्माण कर जल निकासी का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ऐसे में बारिश का पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा और सड़क पर जमा होकर तालाब जैसी स्थिति पैदा कर रहा है।
कई कॉलोनियों का संपर्क मार्ग, रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही
यह मार्ग स्टेट बैंक कॉलोनी, सेंट्रल पार्क कॉलोनी और आसपास की कई कॉलोनियों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन लगातार जलभराव के कारण पैदल चलना और दोपहिया वाहन निकालना भी मुश्किल हो गया है।
मेडिकल स्टोर संचालक भी परेशान
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क किनारे स्थित एक मेडिकल स्टोर में भी परेशानी बढ़ गई है। जब कोई वाहन पानी से होकर गुजरता है तो पानी की छींटें दुकान के अंदर तक पहुंच जाती हैं, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है।
नगर निगम की करोड़ों की सड़क पर खतरा
कुछ समय पहले नगर निगम द्वारा इस मार्ग पर सीसी सड़क का निर्माण कराया गया था। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि लंबे समय तक पानी इसी तरह भरा रहा तो सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होगी और नगर निगम की करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क समय से पहले क्षतिग्रस्त हो सकती है।
नालियों से कब्जे हटाने की मांग
क्षेत्रवासियों ने नगर निगम और महापौर से मांग की है कि नालियों पर किए गए अवैध निर्माण और दीवारों को हटाकर जल निकासी व्यवस्था को तत्काल बहाल कराया जाए। उनका कहना है कि नालियों को उनके मूल स्वरूप में पुनः बनाया जाए ताकि भविष्य में भी जलभराव की समस्या न हो।
महापौर डॉ. अजय सिंह और नगर आयुक्त से मांग
क्षेत्रवासियों ने महापौर डॉ. अजय सिंह और नगर आयुक्त से मांग की है कि नगर निगम के अतिक्रमण प्रभारी को तत्काल मौके पर भेजकर नालियों पर किए गए अवैध अतिक्रमण हटवाए जाएं। लोगों का कहना है कि जिन स्थानों पर नालियों के भीतर दीवारें खड़ी कर दी गई हैं, उन्हें हटाकर नालियों को उनके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए ताकि पानी की निकासी सुचारु हो सके और भविष्य में जलभराव की समस्या दोबारा न हो।
वार्ड पार्षद पर भी उठाए सवाल
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इस समस्या की जानकारी वार्ड-33 की पार्षद किरण चौधरी के पति सुभाष चौधरी को भी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कुछ लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं करा सकते तो उन्हें अपने दायित्व पर पुनर्विचार करना चाहिए।
हालांकि, इस संबंध में पार्षद या उनके प्रतिनिधि का पक्ष सामने नहीं आया है। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात के मौसम को देखते हुए जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए और नालियों पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर लोगों को राहत दिलाई जाए। साथ ही नगर निगम से इस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।








