मनोज धनगर
नकुड़ (सहारनपुर)। तहसील मुख्यालय के बाहर मुख्य सड़क पर प्रतिदिन लगने वाले जाम ने आमजन के साथ-साथ स्कूली बच्चों, व्यापारियों और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा दी है। हालात यह हैं कि स्कूलों की छुट्टी के समय सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लगातार बढ़ती इस समस्या को लेकर स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं ने प्रशासन से प्रभावी एवं स्थायी समाधान की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तहसील मुख्यालय के सामने सड़क के दोनों ओर बढ़ते अतिक्रमण के कारण मार्ग काफी संकरा हो गया है। दुकानदारों द्वारा सड़क तक तिरपाल, सामान और अन्य अस्थायी ढांचे लगाने से बड़े वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है। कई बार वाहनों के तिरपाल या दुकानों से टकराने पर विवाद की स्थिति भी बन जाती है, जिससे जाम और अधिक गंभीर हो जाता है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि इसी मार्ग से प्रतिदिन प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी और अन्य सरकारी कर्मचारी भी गुजरते हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। लोगों का आरोप है कि तहसील मुख्यालय जैसे संवेदनशील स्थान पर भी नियमित ट्रैफिक पुलिस या पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं की जाती, जिससे अव्यवस्था लगातार बढ़ती जा रही है।
सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। छुट्टी के समय सैकड़ों छात्र-छात्राओं को जाम के बीच से निकलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यहां विशेष यातायात व्यवस्था की जानी चाहिए।
जाम की समस्या केवल आम नागरिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई बार एंबुलेंस भी लंबी कतारों में फंस जाती हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में देरी होने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी दिन आपातकालीन स्थिति उत्पन्न हो जाए तो उसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता जगमाल सैनी, डॉ. प्रदीप, अशोक, देवेंद्र तथा अन्य नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि तहसील मुख्यालय के बाहर नियमित पुलिस और ट्रैफिक ड्यूटी लगाई जाए। साथ ही सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाकर मार्ग को चौड़ा किया जाए, ताकि यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके।
लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने, पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने और नियमित यातायात नियंत्रण से इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई करते हुए आम जनता, स्कूली बच्चों और आपातकालीन सेवाओं को राहत दिलाने की अपील की है।








