शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। बैठक में किसानों की समस्याओं, कृषि योजनाओं, कृषि यंत्रों पर अनुदान तथा आधुनिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसान सरकार की प्राथमिकता हैं और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को किसान दिवस में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा खाद एवं उर्वरकों की बिक्री निर्धारित नियमों के अनुसार कराने के निर्देश भी दिए।
मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन ने किसानों से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उप कृषि निदेशक संदीप पाल ने किसानों को फार्मर आईडी बनवाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य होगी। उन्होंने बताया कि 16 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक कृषि विभाग के पोर्टल पर कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए ऑनलाइन बुकिंग की जाएगी। इच्छुक किसान निर्धारित लक्ष्य के अनुसार अपनी बुकिंग करा सकते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र कुमार वर्मा ने धान की फसल में अधिक उत्पादन के लिए संतुलित उर्वरकों के प्रयोग, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी। वहीं प्रगतिशील किसान संजय सैनी ने सहजन (मोरिंगा), मकोय, ककुंबर, दूब घास और चिरायता जैसी औषधीय फसलों की खेती से अतिरिक्त आय अर्जित करने के बारे में किसानों को जानकारी दी।
बैठक के दौरान भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने बिजली, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, गन्ना विभाग तथा जल शक्ति मिशन से संबंधित समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन शिकायतों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।
किसान दिवस में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.पी. सिंह, जिला कृषि अधिकारी कपिल कुमार, परियोजना अधिकारी यूपी नेडा आर.बी. वर्मा, कृषि विभाग एवं अन्य विभागों के अधिकारियों सहित लगभग 150 किसानों ने भाग लिया।








