शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद सैय्यद माजरा गांव के कब्रिस्तान में जलभराव के कारण क्षतिग्रस्त हुई कब्रों के मामले को संसद में उठाएंगे। इस संबंध में उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से नियम 377 के अंतर्गत मामला उठाने की अनुमति मांगी थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। अब सांसद इमरान मसूद इस गंभीर जनसमस्या को लोकसभा में रखते हुए केंद्र सरकार का ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की ओर आकर्षित करेंगे।
कांग्रेस जिला प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सांसद इमरान मसूद ने कहा कि सैय्यद माजरा में हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण कब्रिस्तान में जलभराव हो गया था। इसके चलते कई कब्रें क्षतिग्रस्त हो गईं और कुछ स्थानों पर शव बाहर आने की घटना सामने आई, जो अत्यंत दुखद, संवेदनशील और मानवीय दृष्टि से चिंताजनक है।
सांसद इमरान मसूद ने कहा कि इस समस्या की मुख्य वजह क्षेत्र में मिट्टी का कटाव, हिंडन नदी और आसपास के जलस्रोतों का बरसात के दौरान उफान पर आना तथा प्रभावी जल निकासी व्यवस्था का अभाव है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास बसे गांवों में आज तक जल निकासी के लिए कोई दीर्घकालिक और प्रभावी योजना तैयार नहीं की गई है। यही कारण है कि हर वर्ष बरसात के दौरान गांवों की गलियां, सड़कें और सार्वजनिक स्थान जलमग्न हो जाते हैं, जिससे आम ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है।
उन्होंने कहा कि लगातार जलभराव से सड़कें टूट जाती हैं, कीचड़ और गड्ढों के कारण आवागमन बाधित होता है। स्कूली बच्चों, किसानों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे हालात केवल सैय्यद माजरा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में बरसात के दौरान यही स्थिति देखने को मिलती है।
इमरान मसूद ने कहा कि वह लोकसभा में इस विषय को मजबूती से उठाकर सरकार से मांग करेंगे कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी, सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए स्थायी एवं दीर्घकालिक योजना बनाई जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए केवल अस्थायी समाधान पर्याप्त नहीं हैं। सरकार को ऐसी योजनाएं तैयार करनी चाहिए, जिनसे बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सके और लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद में यह मुद्दा उठने के बाद सरकार इस दिशा में गंभीरता से विचार करेगी।
सांसद इमरान मसूद ने कहा कि जनहित से जुड़े ऐसे मुद्दों को संसद तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है और वह क्षेत्र की जनता की समस्याओं को लगातार सदन में उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना समय की आवश्यकता है और इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों को समन्वित प्रयास करने होंगे।








