Saharanpur News: कांवड़ यात्रा पर सौहार्द की अपील, कलेक्ट्रेट मस्जिद मामले में हाईकोर्ट जाएंगे इमरान मसूद

सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कलेक्ट्रेट मस्जिद मामले पर नगर मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देने की घोषणा की। कांवड़ यात्रा के दौरान भाईचारा बनाए रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मस्जिद प्रकरण में कानूनी लड़ाई उच्च न्यायालय में लड़ी जाएगी।

सांसद बोले— सहारनपुर गंगा-जमुनी तहजीब का शहर, भाजपा समाज को बांटने की राजनीति कर रही है

मनोज मिड्ढा 

सहारनपुर (दैनिक शहरी चौपाल) । कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने अपने कैंप कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को हटाने के नगर मजिस्ट्रेट के आदेश पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सहारनपुर हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक रहा है तथा यहां के लोग हर धर्म और समुदाय के पर्वों में मिल-जुलकर भाग लेते हैं। उन्होंने शहरवासियों से आगामी कांवड़ यात्रा को भी इसी भावना के साथ शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की अपील की।

प्रेस वार्ता में इमरान मसूद ने कहा कि श्रावण मास में निकलने वाली कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के लोग मिलकर कांवड़ियों की सेवा करते हैं और सहारनपुर की यही पहचान पूरे प्रदेश में अलग स्थान रखती है। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर शहर के भाईचारे को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।

कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को 30 दिन के भीतर हटाने के नगर मजिस्ट्रेट के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने कहा कि यह फैसला उन्हें न्यायिक से अधिक प्रशासनिक प्रतीत होता है। उनका कहना था कि आदेश में कहा गया है कि मस्जिद पक्ष स्वामित्व के पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जबकि प्रशासन स्वयं भी भूमि का स्वामित्व स्पष्ट रूप से सिद्ध नहीं कर पाया है।

इमरान मसूद ने दावा किया कि संबंधित भूमि के खसरा संख्या 10/1 एवं 539 में याकूब खान और वाहिद खान का नाम दर्ज रहा है। उन्होंने कहा कि पुराने समय में यह निजी संपत्ति थी, जहां मंदिर और मस्जिद दोनों का निर्माण हुआ। उनके अनुसार मस्जिद के पक्ष में वर्ष 1911 का बिजली कनेक्शन, पुराने अभिलेख तथा अन्य दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए, लेकिन उन्हें उचित महत्व नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन स्वयं भूमि का वैधानिक स्वामित्व साबित नहीं कर सकता तो बेदखली का आदेश देना कानून की कसौटी पर उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि पहले प्रशासन को यह सिद्ध करना होगा कि संबंधित भूमि वास्तव में सरकारी है, उसके बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई की जा सकती है।

सांसद ने कहा कि कांग्रेस कानून और संविधान में विश्वास रखने वाली पार्टी है। यदि किसी धार्मिक स्थल का भूमि पर वैधानिक अधिकार नहीं है तो उसका निर्णय न्यायालय करेगा, लेकिन बिना पर्याप्त कानूनी आधार के किसी भी धार्मिक स्थल को हटाने का आदेश उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में मस्जिद पक्ष उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा और कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष मजबूती से रखेगा।

उन्होंने कहा कि जिस खसरा संख्या में मस्जिद स्थित है, उसी भूमि पर मंदिर भी मौजूद है। ऐसे में प्रशासन को किसी भी प्रकार की कार्रवाई करते समय समानता और निष्पक्षता का परिचय देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक रंग देकर समाज को विभाजित करने का प्रयास कर रही है, जबकि सहारनपुर की पहचान हमेशा प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की रही है।

प्रेस वार्ता के दौरान इमरान मसूद ने रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य जुड़ा हुआ है। यदि निर्माण संबंधी कोई तकनीकी या मानचित्र संबंधी कमी है तो उसे नियमानुसार कंपाउंडिंग अथवा जुर्माना लगाकर नियमित किया जा सकता है, लेकिन किसी भी कार्रवाई से छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द की राजनीति करती रही है। कलेक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण में भी पूरी लड़ाई न्यायालय के माध्यम से लड़ी जाएगी और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि किसी भी अफवाह या भड़काऊ बयान से बचें तथा कांवड़ यात्रा के दौरान शहर की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा को और मजबूत करें।

वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की रही मौजूदगी

प्रेस वार्ता में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के साथ वरिष्ठ समाजसेवी महेंद्र तनेजा, पूर्व विधायक मसूद अख्तर, विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) शाहनवाज खान, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नितिन शर्मा, कांग्रेस के पूर्व नगर अध्यक्ष वरुण शर्मा, गणेश दत्त शर्मा, चंदरजीत निक्कू सहित अनेक ग्राम प्रधान, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि कलेक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा तथा शहर में शांति, सद्भाव और भाईचारा बनाए रखना सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है।

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!

राज्य