शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर (दैनिक शहरी चौपाल )। जनपद के गांव बिलासपुर निवासी कैंसर पीड़िता संयोगिता पत्नी भोपाल सिंह कश्यप ने सोमवार से परिवार सहित कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कृषि भूमि का पट्टा, आवासीय पट्टा, कैंसर के इलाज के लिए आर्थिक सहायता तथा विभिन्न मामलों में निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की।
कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे भोपाल सिंह कश्यप ने बताया कि उनकी पत्नी संयोगिता पिछले करीब 11 वर्षों से कैंसर से पीड़ित हैं और उनका उपचार पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है। लंबे समय से इलाज पर भारी खर्च होने के कारण परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है और इलाज के लिए उन्हें अपना पुश्तैनी मकान तक बेचना पड़ा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि हाल ही में उन्हें बेदखली का नोटिस जारी किया गया, जबकि ग्राम समाज की भूमि पर अन्य लोगों के कब्जों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि कृषि भूमि के पट्टे के लिए संबंधित लेखपाल द्वारा एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई। साथ ही ग्राम समाज की भूमि पर कथित अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर भी सवाल उठाए गए। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
संयोगिता ने आरोप लगाया कि उनकी पुत्री शिवानी कश्यप के साथ 18 अप्रैल 2026 को मारपीट की घटना हुई थी, लेकिन गंगोह थाना पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया। परिवार ने अपने खिलाफ दर्ज एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे को भी झूठा बताते हुए उसकी निष्पक्ष जांच और निरस्तीकरण की मांग की है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायतों में अधिकारियों द्वारा गलत रिपोर्ट लगाई गई और उनकी गंभीर बीमारी तक को असत्य बताया गया। परिवार ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें कृषि भूमि का पट्टा, आवासीय पट्टा, इलाज के लिए सरकारी आर्थिक सहायता, बेदखली से राहत तथा दोषी अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई दिलाई जाए।
भूख हड़ताल पर बैठे परिवार ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर प्रशासन सकारात्मक निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका आंदोलन और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी।








