श्री कांत शर्मा
गागलहेड़ी (सहारनपुर)। सहारनपुर के गागलहेड़ी थाना क्षेत्र स्थित एएलएम मीट प्लांट में मंगलवार को अचानक गैस रिसाव होने से अफरा-तफरी मच गई। जहरीली गैस की चपेट में आने से करीब एक दर्जन मजदूरों की तबीयत बिगड़ गई, जिनमें अधिकांश महिला श्रमिक शामिल हैं। कुछ मजदूर प्लांट परिसर में ही बेहोश होकर गिर पड़े, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा पूरे मामले की जांच शुरू करा दी गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्लांट में कार्य के दौरान अचानक गैस का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते कई मजदूरों को सांस लेने में परेशानी, घबराहट और चक्कर आने लगे। कुछ ही देर में कई श्रमिक बेहोश होकर गिर पड़े, जिससे प्लांट में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने तुरंत प्रभावित मजदूरों को बाहर निकाला और प्लांट प्रबंधन ने एंबुलेंस एवं अन्य वाहनों से उन्हें गागलहेड़ी स्थित हरि हॉस्पिटल पहुंचाया।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार घायलों में नसरीन, गुलशन, सरवीन, रुखसार, निशा, नयना, मीसबा, मजरीन, फमीना, बनों, सरीन और नगमा सहित करीब एक दर्जन श्रमिक शामिल हैं। इनमें से कुछ की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया, जबकि अन्य का उपचार आपातकालीन वार्ड में जारी है। चिकित्सकों के अनुसार सभी मरीजों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी व्योम बिंदल, एसडीएम सदर सुबोध कुमार, सीओ सदर विकास प्रताप सिंह चौहान, थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह तथा फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्लांट का निरीक्षण कर गैस रिसाव के कारणों की जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद अधिकारी हरि हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों से उपचार की जानकारी प्राप्त की।
प्रशासन ने बताया कि प्रथम दृष्टया गैस रिसाव के कारणों की जांच की जा रही है। औद्योगिक सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं, इसकी भी जांच होगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद कुछ समय के लिए प्लांट का कार्य प्रभावित रहा और कर्मचारियों में दहशत का माहौल बना रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मजदूरों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल अधिकांश घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, जबकि गंभीर मरीजों का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में जारी है।








