शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर , दैनिक शहरी चौपाल । आर्य समाज से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को चकरौता रोड स्थित संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) कार्यालय पर प्रदर्शन कर आर्य समाज से संबद्ध शिक्षण संस्थाओं में कथित अनियमितताओं, चुनाव प्रक्रिया में धांधली और संस्थागत संपत्तियों पर अवैध कब्जों के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त शिक्षा निदेशक राणा सहस्त्रांशु कुमार सुमन से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। अधिकारियों ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मामले में अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित कर दी।
प्रदर्शन के दौरान मुजफ्फरनगर जिला आर्य सभा के प्रतिनिधि अनूप सिंह राठी ने आरोप लगाया कि बुढाना डीएवी कॉलेज प्रबंध समिति के चुनाव निर्धारित नियमों के विपरीत कराए गए हैं तथा संस्थान की संपत्तियों के संचालन में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और नियमों के अनुरूप दोबारा चुनाव कराने की मांग की।
आर्य समाज शहर मुजफ्फरनगर के प्रधान मुकेश आर्य ने भी चुनाव प्रक्रिया में कथित धांधली, गबन और फर्जीवाड़े के आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो इससे शिक्षण संस्थाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता प्रभावित होगी। उन्होंने शिक्षा विभाग से पूरे प्रकरण की गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
बुढाना आर्य समाज के मंत्री राजीव कुमार ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग की मिलीभगत से नियमों के विपरीत कार्य किए गए हैं। वहीं राज सिंह आर्य और अनिल आर्य ने आर्य समाज की शिक्षण संस्थाओं की संपत्तियों को कथित अवैध कब्जों से मुक्त कराने तथा वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच कराने की मांग उठाई।
संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में हुई सुनवाई के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा। अधिकारियों ने सभी पक्षों की बात सुनने के बाद मामले में विस्तृत सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित कर दी। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत सभी बिंदुओं पर विचार किया जाएगा।
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि आर्य समाज की शिक्षण संस्थाएं समाज के लिए शिक्षा और संस्कार का महत्वपूर्ण केंद्र हैं। ऐसे में इनके संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का पालन सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों का निष्पक्ष समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान फल कुमार, संजय कुमार आर्य, प्रवीण कुमार राणा, डॉ. वीर सिंह आर्य, भावुक अनिल आर्य, सांता प्रकाश शास्त्री, सुरेंद्र कुमार पुंडीर, सुभाष चंद गर्ग, डॉ. सतीश कुमार आर्य, तेजपाल सिंह आर्य, उपेंद्र आर्य, अभिषेक गर्ग, विनोद आर्य, अवनीश आर्य, विजय गुप्ता, जनेश्वर आर्य, भरत सिंह आर्य, महावीर आर्य सहित बड़ी संख्या में आर्य समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।








