Saharanpur News: गुरूनानक गर्ल्स इंटर कॉलेज में छात्राओं को दिया ‘जल है तो कल है’ का संदेश, भूजल संरक्षण पर कार्यशाला आयोजित

भूजल सप्ताह के तहत नगर निगम ने श्री गुरूनानक गर्ल्स इंटर कॉलेज में जल संरक्षण पर कार्यशाला आयोजित की। छात्राओं को ‘जल है तो कल है’ का संदेश देते हुए वर्षा जल संचयन और भूजल संरक्षण के उपाय बताए गए।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर,  दैनिक शहरी चौपाल। भूजल सप्ताह के अंतर्गत नगर निगम सहारनपुर द्वारा श्री गुरूनानक गर्ल्स इंटर कॉलेज में जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को जल के महत्व, भूजल स्तर में लगातार आ रही गिरावट और वर्षा जल संचयन की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि “जल ही जीवन का आधार है, जल है तो कल है”, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह जल संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाए।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए नगर निगम के अधिशासी अभियंता (जल) वी.बी. सिंह ने कहा कि इस वर्ष भूजल सप्ताह का मुख्य संदेश “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” रखा गया है। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य लोगों को वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करना है।

उन्होंने कहा कि तेजी से गिरता भूजल स्तर भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में पेयजल संकट और भी गंभीर रूप ले सकता है। इसलिए जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।

कार्यशाला में सहायक अभियंता (जल) पवन सिंह, अवर अभियंता ललित कुमार एवं अवर अभियंता पंकज कुमार ने छात्राओं को दैनिक जीवन में जल बचाने के कई सरल और प्रभावी उपाय बताए। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी जल संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने सुझाव दिया कि पेड़-पौधों की सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर प्रणाली का उपयोग किया जाए, वाहन धोने में पाइप की बजाय बाल्टी का प्रयोग किया जाए, स्नान के दौरान शावर के स्थान पर बाल्टी का उपयोग किया जाए तथा ब्रश करते समय अनावश्यक रूप से नल खुला न छोड़ा जाए। इसके अलावा कम कपड़ों के लिए वॉशिंग मशीन का उपयोग न करने, घरों और बगीचों में अधिक से अधिक हरियाली विकसित करने तथा वर्षा जल को जमीन में पहुंचाने के लिए रिचार्ज व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं। यदि अधिक से अधिक पौधारोपण किया जाए और वर्षा जल का संचयन सुनिश्चित किया जाए तो भूजल स्तर में सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार तथा समाज को भी इसके लिए प्रेरित करें।

कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने भी जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने जल की प्रत्येक बूंद बचाने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर श्री गुरूनानक गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी ने भूजल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

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