फैय्याज अली आब्दी (दैनिक शहरीचौपाल)
नानौता (सहारनपुर)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली कूच की तैयारी कर रहे समाजवादी पार्टी (सपा) और आजाद समाज पार्टी (आसपा) के नेताओं को पुलिस ने एहतियातन उनके आवासों पर ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली और उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश करार दिया।

जानकारी के अनुसार, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सपा युवजन सभा के जिला अध्यक्ष विलास राणा अपने साथियों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना होने की तैयारी कर रहे थे। उनके साथ नगर अध्यक्ष अब्बास चौधरी, युवा नेता आजम खान सहित अन्य कार्यकर्ता भी दिल्ली जाने वाले थे।
बताया गया कि जैसे ही पुलिस को उनके दिल्ली कूच की सूचना मिली, थाना प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेश्वर बौद्ध पुलिस बल के साथ विलास राणा के आवास पर पहुंचे और उन्हें तथा उनके समर्थकों को घर से बाहर नहीं निकलने दिया। पुलिस ने एहतियाती कार्रवाई के तहत उन्हें उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया।
इसी क्रम में आजाद समाज पार्टी के जिला उपाध्यक्ष पृथ्वीराज सिंह भी अपने समर्थकों के साथ दिल्ली जाकर संसद भवन के निकट आयोजित धरने में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे। यह धरना आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में प्रस्तावित कार्यक्रम के समर्थन में था। पुलिस को इसकी जानकारी मिलने पर भारी पुलिस बल ग्राम बूंदूगढ़ स्थित पृथ्वीराज सिंह के आवास पर पहुंचा और उन्हें भी घर पर ही नजरबंद कर दिया। पुलिस ने उनके समर्थकों की गतिविधियों पर भी निगरानी बनाए रखी।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी और आजाद समाज पार्टी के नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर राजनीतिक गतिविधियों को रोकने का आरोप लगाया। नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण ढंग से विरोध-प्रदर्शन करना लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है। उनका आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल कर रही है।
वहीं पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के उद्देश्य से एहतियाती कदम उठाए गए हैं। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया, ताकि शांति एवं व्यवस्था बनी रहे।
घटना के बाद नानौता क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चाओं का दौर जारी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।








