दैनिक शहरी चौपाल
सहारनपुर। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आकाशवाणी नजीबाबाद केंद्र पर आयोजित विशेष काव्य गोष्ठी में सहारनपुर के प्रतिष्ठित कवियों ने राष्ट्रभक्ति, तिरंगे की गरिमा, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और देश की एकता-अखंडता पर आधारित रचनाओं का प्रभावशाली काव्य पाठ किया। देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत इस विशेष कार्यक्रम का प्रसारण आगामी 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आकाशवाणी नजीबाबाद केंद्र से किया जाएगा।
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ वरिष्ठ कवि हरिराम पथिक ने मां सरस्वती की वंदना से किया। उन्होंने अपनी रचना “भक्तों का मां शारदे नमन करो स्वीकार, नाव भंवर में जो फंसी उसे लगा दो पार” सुनाकर साहित्यिक वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। उनकी प्रस्तुति को उपस्थित श्रोताओं ने खूब सराहा।
इसके बाद कवि नरेंद्र मस्ताना ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भावपूर्ण पंक्तियां सुनाईं— “दे गए जो जान अपनी, इस वतन के वास्ते, भूल मत जाना उन्हें, हों तंग कितने रास्ते।” उनकी कविता ने श्रोताओं को देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों की याद दिलाई और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। उन्होंने अन्य देशभक्ति गीतों का भी प्रभावशाली पाठ किया।
कवि डॉ. वीरेन्द्र आज़म ने अपनी ओजस्वी शैली में राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की संप्रभुता पर आधारित मुक्तक प्रस्तुत करते हुए कहा— “उठाने से पहले नज़र तू, इकहत्तर याद कर लेना, नहीं माना जो अबके तू, तेरा लाहौर उड़ा देंगे।” उन्होंने तिरंगे की आत्मकथा पर आधारित अपनी विशेष रचना भी सुनाई, जिसमें राष्ट्रीय ध्वज के गौरव, सम्मान और बलिदान की भावना को सशक्त शब्दों में अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम की सबसे प्रभावशाली प्रस्तुतियों में कवि विनोद भृंग की रचना रही। उन्होंने 1857 की क्रांति के अमर सेनानियों को याद करते हुए अपनी कविता की इन पंक्तियों से सभी का मन जीत लिया— “अट्ठारह सौ सत्तावन के उन बलिदानों को याद करो, जो कफन बांध कर निकले थे उन दीवानों को याद करो।” उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास और वीर शहीदों के अदम्य साहस की याद दिला दी।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी अनेक रचनाओं का पाठ किया गया। सभी कवियों ने अपने काव्य के माध्यम से देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले वीरों को नमन किया और नई पीढ़ी से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।
आकाशवाणी नजीबाबाद केंद्र द्वारा आयोजित इस विशेष काव्य गोष्ठी का प्रसारण स्वतंत्रता दिवस पर किया जाएगा, जिससे देशभर के श्रोता सहारनपुर के कवियों की ओजपूर्ण और प्रेरणादायक रचनाओं का आनंद ले सकेंगे।








