चिलकाना (सहारनपुर)। सहारनपुर जनपद के चिलकाना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब पराली से लदी एक चलती ट्रैक्टर-ट्रॉली में अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी ट्रॉली को अपनी चपेट में ले लिया और उसमें भरी पराली धू-धू कर जलने लगी। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि ट्रॉली के दोनों टायर भी फट गए। घटना स्थल के समीप पेट्रोल पंप होने के कारण कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों की सूझबूझ और चालक की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार यह घटना सरसावा-चिलकाना मुख्य मार्ग पर गांव तेलीपुरा के निकट हुई। ट्रैक्टर-ट्रॉली स्वामी राजेश पांचाल पराली लेकर यमुनानगर स्थित एक फैक्ट्री जा रहे थे। उन्होंने बताया कि घर से लगभग 500 मीटर आगे पहुंचते ही अचानक ट्रॉली से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें फैल गईं। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने तत्काल ट्रैक्टर को ट्रॉली से अलग कर दिया, जिससे आग ट्रैक्टर तक नहीं पहुंच सकी और एक बड़ा नुकसान होने से बच गया।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। हालांकि आग इतनी तेज थी कि ट्रॉली में भरी पूरी पराली जलकर राख हो गई। आग की चपेट में आने से ट्रॉली के दोनों टायर भी फट गए, जिससे नुकसान और बढ़ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, उसके पास ही एक पेट्रोल पंप स्थित है। यदि आग समय रहते नियंत्रित नहीं होती या ट्रैक्टर को ट्रॉली से अलग नहीं किया जाता, तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी। स्थानीय लोगों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ा हादसा टल गया।
हादसे के कारण सरसावा-चिलकाना मुख्य मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। राहगीरों और ग्रामीणों की मदद से वाहनों का आवागमन धीरे-धीरे सामान्य कराया गया।
ट्रैक्टर-ट्रॉली स्वामी राजेश पांचाल ने बताया कि इस हादसे में उन्हें करीब एक लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। पराली पूरी तरह जलने के साथ-साथ ट्रॉली के टायर भी क्षतिग्रस्त हो गए। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल सका है। संभावना जताई जा रही है कि किसी तकनीकी खराबी, घर्षण या अन्य कारण से आग लगी हो, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए तथा किसानों और वाहन चालकों को अग्नि सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। वहीं लोगों ने सलाह दी कि पराली या अन्य ज्वलनशील सामग्री ले जाते समय वाहन की नियमित जांच अवश्य कराई जाए और आग बुझाने के प्राथमिक साधन साथ रखे जाएं।








