शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर मंडल में उद्योगों से जुड़ी समस्याओं के समाधान और औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक अपर आयुक्त (प्रशासन) भानू प्रताप यादव की अध्यक्षता में सर्किट हाउस में आयोजित की गई। बैठक में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जनपदों से जुड़े विभिन्न औद्योगिक मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक का संचालन संयुक्त आयुक्त उद्योग बीरेन्द्र कुमार ने किया। क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीसीडा, मेरठ ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र पिलखनी में दुकानों के भूखंडों के आवंटन के लिए ई-ऑक्शन संबंधी प्रस्ताव आगामी 3 अगस्त को होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इस पर अपर आयुक्त ने निर्देश दिए कि प्रकरण के शीघ्र समाधान के लिए आयुक्त स्तर से शासन को पत्र भेजा जाए।

बैठक में उत्तर प्रदेश कोविड इमरजेंसी वित्त पोषण योजना के अंतर्गत मुजफ्फरनगर स्थित एक औद्योगिक इकाई को वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाने के मामले पर भी चर्चा हुई। संयुक्त आयुक्त उद्योग ने समिति को अवगत कराया कि शासनादेश के अनुसार संबंधित इकाई इस योजना की पात्रता में नहीं आती है। उद्योग निदेशालय से अंतिम निर्णय प्राप्त होने के बाद अगली बैठक में इस प्रकरण का निस्तारण किया जाएगा।
सहारनपुर के पिलखनी औद्योगिक क्षेत्र को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 600 मीटर प्रस्तावित सड़क में अब केवल 90 मीटर निर्माण कार्य शेष है। अपर आयुक्त ने जिलाधिकारी और यूपीसीडा अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।
जनपद शामली में विजय चौक से औद्योगिक आस्थान तक चार किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण तथा डिवाइडर पर स्ट्रीट लाइट लगाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। लोक निर्माण विभाग ने बताया कि यह कार्य अभी वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में स्वीकृत नहीं हुआ है। इस पर अपर आयुक्त ने नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण से संबंधित मैसर्स राधा गोविंद व्हील्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मानचित्र स्वीकृति प्रकरण पर भी विचार किया गया। समिति ने विस्तृत चर्चा के बाद इसे मंडलीय उद्योग बंधु के विचाराधीन रखने योग्य नहीं माना। अध्यक्ष ने संबंधित पक्ष को आयुक्त न्यायालय में अपील करने की सलाह दी।

इसके अलावा निवेश मित्र पोर्टल पर सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा के बाद लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि उद्योगों से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब निवेश और औद्योगिक विकास को प्रभावित करता है, इसलिए सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें।
बैठक में सचिव एमडीए कुंवर बहादुर सिंह, एसीआई मुजफ्फरनगर आशीष कुमार, एसीआई सहारनपुर प्रमोद कुमार, आईआईए के आर.के. धवन, लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।








