शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। आगामी श्रावण मास कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सहारनपुर पुलिस प्रशासन ने विस्तृत यातायात डायवर्जन योजना लागू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ भारी, मध्यम और हल्के वाहनों के संचालन के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें और अनावश्यक रूप से कांवड़ मार्गों पर यात्रा करने से बचें।
पुलिस के अनुसार उत्तराखंड से आने वाले कांवड़ियों का प्रवेश चौकी काली नदी, बड़कलां चेकपोस्ट और चौकी मंगलौर रोड से होगा, जबकि हरियाणा की ओर से चौकी शाहजहांपुर और हथनीकुंड बैराज मार्ग से कांवड़िए सहारनपुर में प्रवेश करेंगे। कांवड़ यात्रा के दौरान इन मार्गों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

यातायात व्यवस्था के तहत 29/30 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि 12 बजे से भारी वाहनों का डायवर्जन लागू कर दिया जाएगा। इस अवधि में शहर और कांवड़ मार्गों पर ट्रक, डंपर, कंटेनर, टैंकर सहित सभी भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। देहरादून जाने वाले भारी वाहन लाखनौर–छुटमलपुर–मोहंड–आशारौड़ी मार्ग से संचालित होंगे, जबकि हरिद्वार जाने वाले वाहन छुटमलपुर–भगवानपुर–रुड़की मार्ग का उपयोग करेंगे।
04/05 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि 12 बजे से हल्के एवं मध्यम वाहनों पर भी डायवर्जन व्यवस्था लागू होगी। इस दौरान देहरादून जाने वाले वाहन दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे अथवा मुजफ्फरनगर–देवबंद–नागल–कोलकी कट मार्ग से संचालित किए जाएंगे। हरिद्वार जाने वाले हल्के एवं मध्यम वाहनों के लिए छुटमलपुर–भगवानपुर–रुड़की मार्ग निर्धारित किया गया है।

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ मार्गों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह कांवड़ियों की सुरक्षा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखकर बनाई गई है। सभी प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती रहेगी तथा यातायात की लगातार निगरानी की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर मौके की स्थिति के अनुसार यातायात व्यवस्था में बदलाव भी किया जा सकता है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी अवश्य लें, निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें तथा किसी भी आपात स्थिति में यूपी-112 या निकटतम पुलिस अधिकारी से संपर्क करें। पुलिस ने कहा कि जनसहयोग से ही कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सफल बनाया जा सकता है।









