शहरी चौपाल ब्यूरो
चौसाना/शामली। जिले के गढ़ी हसनपुर गांव में मंगलवार को वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग की एसआईबी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच) की संयुक्त टीम ने एक पेस्टीसाइड्स एवं फर्टिलाइजर कारोबारी के प्रतिष्ठान पर छापेमारी की। कार्रवाई आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) रिटर्न में कथित अनियमितताओं की शिकायत और लखनऊ से जारी नोटिस के आधार पर की गई। टीम देर रात तक प्रतिष्ठान पर दस्तावेजों की जांच और अभिलेखों के सत्यापन में जुटी रही ।
जानकारी के अनुसार डिप्टी कमिश्नर एसआईबी राजकुमार के नेतृत्व में करीब एक दर्जन अधिकारियों की टीम गढ़ी हसनपुर स्थित सिद्धांत पेस्टीसाइड्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिष्ठान पर पहुंची। बताया जा रहा है कि विभाग को आईटीसी रिटर्न में गड़बड़ी की सूचना मिली थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
सूत्रों के मुताबिक, विभागीय टीम के पहुंचने से पहले ही कार्रवाई की सूचना लीक हो गई, जिससे संबंधित कारोबारी मौके से अनुपस्थित हो गया। अधिकारियों ने फोन पर संपर्क कर उसे तत्काल दस्तावेजों के साथ मौके पर बुलाया और स्पष्ट किया कि सहयोग न करने पर प्रतिष्ठान को सील करने की कार्रवाई की जा सकती है। इसके बाद कुछ घंटों में कारोबारी मौके पर पहुंचा और आवश्यक अभिलेख विभाग को उपलब्ध कराए।
छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग प्रतिष्ठान के बाहर एकत्र हो गए। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा और सुरक्षा की दृष्टि से कुछ समय के लिए आसपास की आवाजाही सीमित कर दी गई।
बताया जा रहा है कि संबंधित प्रतिष्ठान से उत्तराखंड, लखनऊ और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में कृषि उत्पादों की आपूर्ति की जाती है। विभाग को आशंका है कि कारोबार के अनुपात में आईटीसी रिटर्न सही तरीके से दाखिल नहीं किए गए हैं। इसी आधार पर दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का मामला सामने आ सकता है।
जीएसटी विभाग की कार्रवाई की सूचना फैलते ही आसपास के बाजारों में भी हलचल मच गई। कई व्यापारियों ने एहतियातन अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। देर रात तक जांच जारी रही, हालांकि विभागीय अधिकारियों ने जांच पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार की आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार किया।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच के बाद ही आगे की विधिक एवं कर संबंधी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।








