शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर के आम उत्पादकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा सर्किट हाउस सभागार में आयोजित आम क्रेता-विक्रेता बैठक में किसानों, निर्यातकों, एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) और एफपीसी (फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी) के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच प्रदान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों और निर्यातकों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और निर्यात को बढ़ावा देना था। बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि 60 मीट्रिक टन आम के निर्यात के लिए पांच महत्वपूर्ण एमओयू (समझौता ज्ञापन) का संपन्न होना रही।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उपनिदेशक प्रशासन एवं विपणन देवेंद्र कुमार वर्मा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में नगर मजिस्ट्रेट एवं कृषि उत्पादन मंडी समिति सहारनपुर के सभापति कुलदीप सिंह उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि सहारनपुर का आम अपनी गुणवत्ता और स्वाद के कारण देश-विदेश में पहचान बना रहा है और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
सहायक कृषि विपणन अधिकारी राहुल यादव ने किसानों और कृषक संगठनों को कृषि उत्पादों के निर्यात की प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांगों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से उत्पादन करें और ग्रेडिंग एवं पैकिंग पर विशेष ध्यान दें तो उन्हें बेहतर बाजार और अधिक मूल्य प्राप्त हो सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आई.के. कुशवाहा ने बागवानी फसलों में कीट एवं रोग नियंत्रण के वैज्ञानिक उपायों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि समय पर रोगों की पहचान और उचित प्रबंधन से उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है। इससे किसानों को निर्यात योग्य गुणवत्ता का फल तैयार करने में सहायता मिलेगी और उनकी आय में भी वृद्धि होगी।

एपीडा (APEDA) के एसोसिएट विशाल सैनी ने कृषि निर्यात में एपीडा की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्था किसानों, एफपीओ और निर्यातकों के बीच समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है, जिनका लाभ किसानों को उठाना चाहिए।
बैठक के दौरान किसानों और निर्यातकों के बीच 60 मीट्रिक टन आम के निर्यात के लिए पांच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। अधिकारियों ने बताया कि इन समझौतों से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा, एफपीओ और एफपीसी को नई मजबूती मिलेगी तथा सहारनपुर के आम सहित अन्य कृषि एवं बागवानी उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलेगी।
वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि कृषि विपणन विभाग और एपीडा के संयुक्त प्रयासों से भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने, बिचौलियों की भूमिका कम करने और कृषि निर्यात को नई गति देने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन किसानों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
कार्यक्रम में मंडी सचिव देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला उद्यान अधिकारी, एपीडा के एसोसिएट विशाल सैनी, सीनियर मार्केटिंग इंस्पेक्टर मुकुल कुमार, मंडी निरीक्षक अनुज कुमार, तरुण कुमार, एफपीओ प्रतिनिधि, प्रगतिशील किसान, निर्यातक तथा बड़ी संख्या में कृषि एवं बागवानी क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे।









