Saharanpur News: जीवित व्यक्ति को मृत दिखाकर लोन माफी का कथित षड्यंत्र, पंचायत सहायक समेत दो पर धोखाधड़ी का आरोप

गंगोह में एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उसे कागजों में मृत दिखाकर लोन माफी का कथित षड्यंत्र रचा गया। पंचायत सहायक समेत दो लोगों पर धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

गंगोह (सहारनपुर)। सहारनपुर जनपद के गंगोह क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसे सरकारी अभिलेखों में मृत दर्शाकर उसके नाम पर लिए गए ऋण को माफ कराने का कथित षड्यंत्र रचा गया। पीड़ित ने ग्राम पंचायत में कार्यरत एक पंचायत सहायक सहित दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आर्थिक ठगी के आरोप लगाते हुए कोतवाली गंगोह में तहरीर दी है। पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

थाना क्षेत्र के गांव खानपुर गुर्जर निवासी पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि वह अशिक्षित है और उसे बैंकिंग संबंधी प्रक्रियाओं की अधिक जानकारी नहीं है। उसके अनुसार गांव का एक व्यक्ति विभिन्न निजी बैंकों और वित्तीय संस्थानों से ऋण दिलाने का कार्य करता है। आरोप है कि उसी व्यक्ति ने ग्राम पंचायत में कार्यरत पंचायत सहायक के साथ मिलकर उसकी पत्नी के दस्तावेजों का उपयोग करते हुए अलग-अलग वित्तीय संस्थानों से ऋण स्वीकृत कराए।

पीड़ित का कहना है कि एक निजी फाइनेंस कंपनी से लगभग एक लाख रुपये का ऋण उसकी पत्नी के पंजाब नेशनल बैंक खाते में आया था। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने उसकी पत्नी को बैंक ले जाकर पूरी धनराशि निकलवा ली और अपने कब्जे में कर ली। जब इस पर आपत्ति जताई गई तो भरोसा दिलाया गया कि सरकार की विशेष योजना के तहत यह पूरा ऋण माफ हो जाएगा और भविष्य में अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा।

शिकायत के अनुसार बाद में आरोपियों ने उसकी पत्नी को विभिन्न बैंकों में ले जाकर उसके नाम से तैयार किया गया कथित फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जमा करा दिया। पीड़ित का आरोप है कि उसे बिना जानकारी दिए बैंक रिकॉर्ड में मृत दर्शाकर लोन माफी की प्रक्रिया पूरी होने की बात कही गई।

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब 28 जुलाई 2026 को बंधन बैंक के कर्मचारी ऋण संबंधी सत्यापन के लिए उसके घर पहुंचे। बैंक अधिकारियों ने बताया कि बैंक के रिकॉर्ड में उसे मृत दर्शाया गया है और उसी आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र जमा किया गया है। जबकि वह पूरी तरह जीवित है और अपने घर पर मौजूद था। यह जानकारी मिलने के बाद पीड़ित और उसके परिवार के लोग हैरान रह गए।

पीड़ित का आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने बकाया ऋण जमा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। इसके बाद जब उसने आरोपियों से संपर्क किया तो उन्होंने कथित रूप से उसे अपने पॉपलर के पेड़ों को बेचकर बैंक का ऋण चुकाने की सलाह दी। पीड़ित का कहना है कि उसके साथ गंभीर आर्थिक और कानूनी धोखाधड़ी की गई है।

पीड़ित ने कोतवाली गंगोह में लिखित तहरीर देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार करने वालों की भूमिका की जांच करने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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