मनोज मिड्ढा
सहारनपुर। श्रावण मास के पावन अवसर पर सहारनपुर का कांवड़ मार्ग पूरी तरह शिवमय हो चुका है। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे लाखों शिवभक्त अपनी-अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। आस्था, श्रद्धा और भक्ति का यह अद्भुत संगम कांवड़ यात्रा को दिव्यता प्रदान कर रहा है। सहारनपुर से गुजरने वाले कांवड़ मार्ग पर दिन-रात श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।
इस बार कांवड़ यात्रा में शिवभक्तों की आस्था अनूठे रूप में दिखाई दे रही है। कई श्रद्धालु भगवान शिव का स्वरूप धारण कर कांवड़ यात्रा कर रहे हैं, जबकि अनेक कांवड़िए 121, 151, 181 और 201 लीटर तक गंगाजल लेकर अपने आराध्य भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए पैदल यात्रा कर रहे हैं। आकर्षक झांकियों, सजी हुई कांवड़ों और शिव भजनों से पूरा मार्ग भक्तिरस में डूबा हुआ है।
अब तक राजस्थान, हरियाणा और अन्य राज्यों के श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर सहारनपुर के रास्ते अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। वहीं सावन मास के आगे बढ़ने के साथ अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से भी बड़ी संख्या में शिवभक्त हरिद्वार पहुंचने लगे हैं। आने वाले दिनों में कांवड़ियों की संख्या में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है।

महानगर से लेकर गागलहेड़ी, भगवानपुर और जिले के अन्य प्रमुख कांवड़ मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सेवा शिविरों की स्थापना शुरू हो गई है। इन शिविरों में कांवड़ियों के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहायता, विश्राम, प्राथमिक उपचार तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कुछ देर विश्राम करने के बाद श्रद्धालु पुनः अपनी यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। समाजसेवी संस्थाएं, धार्मिक संगठन और स्थानीय नागरिक भी सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा रहे हैं।
कांवड़ यात्रा को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय है। कांवड़ शिविर लगाने के इच्छुक आयोजकों को प्रशासन की ओर से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य किया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में बड़ी संख्या में शिविर संचालकों द्वारा अनुमति के लिए आवेदन किए जा रहे हैं।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार अब तक 48 शिविरों के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 45 कांवड़ शिविरों को अनुमति प्रदान कर दी गई है। शेष आवेदनों पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्णय लिया जाएगा।
सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने बताया कि शासन और प्रशासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार ही शिविरों को अनुमति दी जा रही है। प्रत्येक शिविर स्थल का निरीक्षण करने के बाद ही स्वीकृति दी जा रही है, ताकि सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं से संबंधित सभी मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने शिविर संचालकों से अपील की कि सभी व्यवस्थाएं प्रशासन की गाइडलाइन के अनुरूप रखें और कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित बनाने में सहयोग करें।
कांवड़ यात्रा के बढ़ते उत्साह के बीच सहारनपुर में हर ओर शिवभक्ति की छटा दिखाई दे रही है। प्रशासन, पुलिस, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के समन्वित प्रयासों से इस वर्ष भी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न कराने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।









