मनोज मिड्ढा
सहारनपुर। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सुगम, सुरक्षित और स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम ने इस वर्ष व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। नगर निगम सीमा में आने वाले लगभग 13 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सीवर, शौचालय और यातायात सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया गया है। इस बार पिछले वर्षों की तुलना में व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है, ताकि लाखों शिवभक्तों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

नगर निगम प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर लगातार निगरानी और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विभिन्न विभागों की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) गठित की हैं। ये टीमें जलापूर्ति, प्रकाश व्यवस्था, सीवर, स्वच्छता और अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित शिकायतों का तत्काल समाधान करेंगी।
कांवड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ी नहर से कुम्हारहेड़ा तक के पूरे मार्ग पर विशेष प्रबंधन किया गया है। मार्ग से जुड़ने वाली 60 गलियों और 52 कटों पर बैरिकेडिंग कराई जा रही है, जिससे अनावश्यक आवागमन रोका जा सके और कांवड़ियों की आवाजाही निर्बाध बनी रहे। इससे यातायात संचालन भी बेहतर रहेगा और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी।
नगर निगम सीमा में इस बार 44 कांवड़ शिविरों का संचालन होगा। शिविरों के आसपास नियमित सफाई, कूड़ा निस्तारण, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। शिविर संचालकों को भी प्रशासन की ओर से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए 34 सफाई नायक और 211 सफाई मित्रों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। ये कर्मचारी चौबीसों घंटे मार्ग की सफाई, कूड़ा उठाने और गंदगी होने पर तत्काल कार्रवाई करेंगे। नगर निगम का लक्ष्य पूरे कांवड़ मार्ग को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखना है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 38 शौचालयों की व्यवस्था भी की गई है, जिनमें 6 स्थायी, 10 अस्थायी, 18 मोबाइल तथा 4 पिंक टॉयलेट शामिल हैं। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पिंक टॉयलेट की विशेष व्यवस्था की गई है।

पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 40 अस्थायी मिनी सबमर्सिबल बोरिंग, 12 बड़े वाटर टैंक, 18 मोबाइल पानी के टैंकर तथा 1000 लीटर क्षमता वाले 75 वाटर टैंक विभिन्न स्थानों पर स्थापित किए गए हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य यह है कि यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े।

महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि नगर निगम ने इस वर्ष कांवड़ यात्रा के लिए पहले से बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता बनाए रखें, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें और इस पावन यात्रा को सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाएं।
नगर निगम का दावा है कि इस बार तकनीकी निगरानी, त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय के माध्यम से कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने का हर संभव प्रयास किया गया है।









