लखनऊ। योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा में संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026 पारित नहीं हो पाने को लेकर विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ जैसे महत्वपूर्ण विधेयक को पास न होने देना विपक्ष की नारी विरोधी सोच को दर्शाता है और यह देश की मातृशक्ति के साथ अन्याय है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शुक्रवार देर रात पोस्ट करते हुए कहा कि “आज भारत के लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय जुड़ गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने जानबूझकर उस विधेयक को पारित नहीं होने दिया, जो महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बेहद जरूरी था।
🔹 ‘भारत माता के सम्मान पर आघात’
योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में कहा कि यह घटना केवल एक विधेयक का रुकना नहीं है, बल्कि यह “भारत माता के सम्मान पर आघात” और देश की महिलाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने इसे देश की समूची मातृशक्ति के साथ धोखा करार दिया।
🔹 कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर सीधा आरोप
मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर कांग्रेस और उसके नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इस मुद्दे पर अपनी नारी विरोधी मानसिकता को उजागर किया है।
योगी ने कहा कि देश की महिलाएं सब देख और समझ रही हैं और समय आने पर इस राजनीतिक व्यवहार का जवाब जरूर देंगी।
🔹 मोदी सरकार के प्रयास जारी रहेंगे
अपने बयान में योगी आदित्यनाथ ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के लिए लगातार काम करता रहेगा। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
🔹 महिला सशक्तिकरण पर सियासत तेज
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर देशभर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां एक ओर सत्ताधारी दल इसे महिलाओं के अधिकारों से जोड़कर देख रहा है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर अलग रुख अपनाए हुए है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में महिला आरक्षण और इससे जुड़े मुद्दे देश की राजनीति में बड़ा विषय बन सकते हैं।








