शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद में अवैध खनन और खनन सामग्री के अवैध परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना चिलकाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मामले में प्रयुक्त पांच ट्रकों को भी सीज किया है। कार्रवाई से अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार खान निरीक्षक अभिलाष चौबे द्वारा थाना चिलकाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि कुछ ट्रक संचालक एवं स्वामी संगम स्टोन क्रेशर तथा नेशनल स्टोन क्रेशर, बरथा तहसील बेहट के साथ मिलकर बिना वैध खनन प्रपत्रों के खनन सामग्री का परिवहन कर रहे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि डंपरों में खनन सामग्री भरकर अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा था, जिससे राजस्व को नुकसान पहुंच रहा था।
शिकायत के आधार पर थाना चिलकाना में संबंधित धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष विनोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में वांछित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हमजा पुत्र इरफान निवासी दबकौरा थाना चिलकाना, उजैर पुत्र अफसर निवासी टिडौली थाना नकुड़, इरतजा पुत्र मुस्तफा निवासी पलठेड़ी थाना गढ़ी पुख्ता जनपद शामली तथा मारूफ पुत्र नौशाद निवासी तिसंग थाना जानसठ जनपद मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान अवैध खनन सामग्री के परिवहन में प्रयुक्त पांच ट्रकों को भी सीज कर दिया। इन वाहनों के माध्यम से बिना वैध अनुमति के खनिज सामग्री ढोए जाने का आरोप है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अवैध खनन नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
पुलिस के अनुसार जनपद में अवैध खनन, खनिज चोरी और अवैध परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक सुखबीर सिंह, कांस्टेबल नितिन शर्मा, नितिन कुमार, अमन कुमार और विष्णु कुमार शामिल रहे।
चिलकाना पुलिस की इस कार्रवाई को जनपद में अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।








