शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर । सहारनपुर में अवैध खनन के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और खान विभाग दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोतवाली देहात में सीज कर खड़ा किए गए खनिज से भरे डंपर को कथित रूप से रातों-रात बदल दिया गया। आरोप है कि खनन माफिया खनिज से लदा असली डंपर मौके से हटाकर उसकी जगह दूसरा खाली डंपर खड़ा कर गए। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार 29 जून को जिला खान अधिकारी अर्जुन सिंह ने पुलिस टीम के साथ संयुक्त अभियान चलाकर ओवरलोड खनिज सामग्री से भरे चार डंपर पकड़े थे। इसके अलावा रॉयल्टी अवधि समाप्त होने के बावजूद खनिज परिवहन कर रहे एक अन्य डंपर को भी सीज कर कोतवाली देहात में दाखिल कराया गया था। थाना परिसर में पर्याप्त स्थान नहीं होने के कारण सभी सीज डंपरों को थाने के बाहर सड़क किनारे खड़ा कराया गया।
अगले दिन रात में मालखाना प्रभारी द्वारा नियमित निरीक्षण किया गया तो एक डंपर संदिग्ध अवस्था में मिला। जांच के दौरान पाया गया कि डंपर पूरी तरह खाली था, जबकि उसे खनिज से लदा हुआ सीज किया गया था। इस पर मौके पर मौजूद चालक से पूछताछ की गई।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में चालक ने स्वीकार किया कि जिस डंपर को खान विभाग ने पकड़ा था उसका वास्तविक नंबर HR-58E-3544 था। आरोप है कि डंपर मालिक ने उस पर UP-11CT-8645 की फर्जी नंबर प्लेट लगाकर अवैध खनन और परिवहन कराया था। सीज होने के बाद दूसरी चाबी की मदद से खनिज से भरा वास्तविक डंपर वहां से हटाकर उसकी जगह उसी नंबर प्लेट वाला दूसरा खाली डंपर खड़ा कर दिया गया, ताकि किसी को संदेह न हो।
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद पुलिस ने डंपर मालिक नावेद, चालक अरशद तथा सावेज सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
क्षेत्राधिकारी सदर मनोज कुमार यादव ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद पुलिस अभिरक्षा में जब्त वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि थाने के बाहर सीज वाहन भी सुरक्षित नहीं हैं तो अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाना बड़ी चुनौती बन सकता है। लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के साथ-साथ यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उस पर भी कार्रवाई की जाए।








