शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर । सहारनपुर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विकसित अटल मार्ग पर लगातार बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या अब आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। शहरवासियों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन तथा यातायात पुलिस से मांग की है कि कलेक्ट्रेट से थाना सदर बाजार और दीवानी न्यायालय तक के इस महत्वपूर्ण मार्ग को वन-वे घोषित कर यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाए।
यह मार्ग कलेक्ट्रेट, पुलिस लाइन, हकीकत नगर मार्केट, थाना सदर बाजार और दीवानी न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों एवं व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ता है। प्रतिदिन हजारों लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत दोनों ओर चौड़े फुटपाथ बनाए जाने के बाद सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम हो गई है, जिसके चलते वाहनों का दबाव बढ़ने पर अक्सर लंबा जाम लग जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के व्यस्त समय के अलावा स्कूलों की छुट्टी के दौरान स्थिति सबसे अधिक गंभीर हो जाती है। स्कूल बसें, चार पहिया वाहन, ई-रिक्शा, दोपहिया वाहन और पैदल राहगीर एक साथ इस मार्ग का उपयोग करते हैं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है। कई बार एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं के वाहन भी जाम में फंस जाते हैं।
व्यापारियों का कहना है कि जाम के कारण बाजारों में आने वाले ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे व्यापार प्रभावित हो रहा है और लोगों का समय भी बर्बाद होता है। उनका मानना है कि यदि इस मार्ग को वैज्ञानिक तरीके से वन-वे कर दिया जाए तो ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो सकता है।
शहरवासियों ने सुझाव दिया है कि पुलिस अधीक्षक यातायात और यातायात विभाग संयुक्त रूप से सर्वे कर यह तय करें कि देहरादून रोड की ओर जाने वाले और वहां से आने वाले चार पहिया वाहनों के लिए अलग-अलग दिशा निर्धारित की जाए। साथ ही ई-रिक्शा के संचालन के लिए भी स्पष्ट रूट तय किए जाएं, जिससे यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके।
लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर स्मार्ट रोड तो बना दी गई, लेकिन यदि यातायात प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया गया तो इसका उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। उनका मानना है कि समय रहते वन-वे व्यवस्था लागू कर दी जाए तो अटल मार्ग पर लगने वाले रोजाना के जाम से राहत मिल सकती है और आम नागरिकों के साथ-साथ व्यापारियों को भी सुविधा मिलेगी।
शहरवासियों ने जिला प्रशासन, नगर निगम और यातायात पुलिस से जनहित में शीघ्र निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा है कि स्मार्ट सिटी की अवधारणा तभी सफल होगी, जब सड़कें केवल सुंदर ही नहीं बल्कि सुगम और जाम मुक्त भी हों।








