सहारनपुर में भाकियू (टिकैत) ने किसानों की 15 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, एमएसपी, गन्ना भुगतान और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर उठाई आवाज

सहारनपुर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने प्रधानमंत्री के नाम 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर एमएसपी की कानूनी गारंटी, गन्ना भुगतान, कृषि संकट, भूमि अधिग्रहण, डेयरी संरक्षण और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर किसानों के हित में ठोस निर्णय लेने की मांग की।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर , दैनिक शहरी चौपाल । भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने किसानों, कृषि मजदूरों और ग्रामीण भारत से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान के माध्यम से 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संगठन ने कृषि क्षेत्र से जुड़े लंबित मुद्दों का शीघ्र समाधान करते हुए किसानों के हित में ठोस एवं प्रभावी निर्णय लेने की मांग की।

भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष नरेश स्वामी ने कहा कि संगठन पिछले चार दशकों से किसानों, कृषि मजदूरों और ग्रामीण समाज के अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती खेती की लागत, फसलों का लाभकारी मूल्य न मिलना, गन्ना किसानों का लंबित भुगतान, उर्वरकों की कमी तथा प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसान लगातार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

ज्ञापन में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते सहित ऐसे किसी भी मुक्त व्यापार समझौते का विरोध किया गया, जिससे भारतीय कृषि, डेयरी क्षेत्र, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), सार्वजनिक खरीद व्यवस्था और ग्रामीण रोजगार प्रभावित होने की आशंका हो। संगठन ने विदेशी दुग्ध उत्पादों के अनियंत्रित आयात पर रोक लगाने तथा किसानों के पारंपरिक बीज अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।

भाकियू नेताओं ने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों का विस्तार कर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर विकसित किए जाने चाहिए, जिससे किसानों और युवाओं की आय में वृद्धि हो सके।

ज्ञापन में भूमि अधिग्रहण कानून-2013 का सख्ती से पालन कराने, किसानों और ग्रामीण परिवारों के समुचित पुनर्वास के बिना भूमि अधिग्रहण अथवा बेदखली की कार्रवाई न करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इसके अलावा प्राकृतिक संसाधनों, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए प्रभावी और न्यायसंगत जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की भी मांग की गई।

भाकियू (टिकैत) ने कहा कि कृषि केवल किसानों की आजीविका का साधन नहीं बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत आधारशिला है। यदि किसानों की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो इसका व्यापक प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास पर पड़ेगा। संगठन ने केंद्र सरकार से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।

इस अवसर पर विनय कुमार, अशोक चौधरी, नरेश स्वामी, अमित मुखिया, संजय चौधरी, बलेंद्र सिंह, भाग सिंह, अजय कंबोज, आरिफ मलिक, यशपाल, बबली कंबोज, सचिन राणा, पहल सिंह, हरपाल सिंह, बब्लू सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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