शहरी चौपाल ब्यूरो
लखनऊ। होली पर्व नजदीक आते ही घर लौटने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। न ट्रेनों में सीट मिल रही है और न ही तत्काल कोटे से राहत मिल पा रही है। हवाई सफर भी आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में यात्री अधर में लटके हुए हैं और बसों को ही अंतिम विकल्प मान रहे हैं।
शनिवार से दिल्ली, मुंबई और हावड़ा रूट से लखनऊ आने वाले यात्रियों की भीड़ अचानक बढ़ गई। पुष्पक एक्सप्रेस और एलटीटी एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। नियमित टिकट न मिलने पर यात्रियों ने तत्काल कोटे का सहारा लिया, लेकिन वहां भी निराशा हाथ लगी।
285 में से सिर्फ 32 कन्फर्म टिकट
रेलवे सूत्रों के अनुसार दिल्ली और मुंबई से लखनऊ आने वाली ट्रेनों में शनिवार को तत्काल कोटे की कुल 285 सीटें उपलब्ध थीं, लेकिन आम यात्रियों को मात्र 32 कन्फर्म टिकट ही मिल सके। इनमें 24 स्लीपर और 8 एसी सीटें शामिल हैं। कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि अधिकांश टिकटों पर दलालों ने कब्जा जमा लिया। रविवार को भी भीड़ और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
वेटिंग लिस्ट ने बढ़ाई चिंता
मुंबई से आने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस और अवध एक्सप्रेस में स्लीपर की वेटिंग 120 से ऊपर और थर्ड एसी में 85 के पार पहुंच गई है।
वहीं दिल्ली से आने वाली लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस और गोमती एक्सप्रेस में स्लीपर की वेटिंग 150 तथा थर्ड एसी में 110 तक दर्ज की गई है। इससे यात्रियों की चिंता और बढ़ गई है।

हवाई किराये में भारी उछाल
ट्रेनों में जगह न मिलने के कारण कई यात्रियों ने हवाई यात्रा का विकल्प चुना, जिससे किरायों में जबरदस्त वृद्धि देखी गई। दिल्ली-लखनऊ का हवाई टिकट 8,281 से 12,360 रुपये तक बिक रहा है। मुंबई-लखनऊ का किराया 18,000 रुपये तक पहुंच गया। बंगलूरू, हैदराबाद और कोलकाता से आने वाली उड़ानों के दाम भी ऊंचे रहे। हालांकि यात्रियों का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कुछ राहत जरूर है।

बसों में आज उमड़ेगी भीड़
होली पर लखनऊ से पूर्वांचल के जिलों की ओर जाने वाले यात्रियों की भीड़ रविवार को बस अड्डों पर देखने को मिलेगी। अवध बस अड्डा, आलमबाग टर्मिनल और कैसरबाग बस अड्डे से गोरखपुर, गोंडा, बस्ती, बहराइच, बलिया और मऊ सहित अन्य जिलों के लिए बसें रवाना होंगी। परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की है और कुछ बसें रिजर्व में भी रखी गई हैं। होली के रंग में घर पहुंचने की चाह रखने वाले यात्रियों के लिए इस बार का सफर किसी परीक्षा से कम नहीं साबित हो रहा है।










