चंद्र ग्रहण के चलते सहारनपुर में मंदिरों के कपाट रहे बंद, घरों में हुई पूजा-अर्चना

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। वर्ष 2026 के पहले चंद्र ग्रहण के अवसर पर मंगलवार को जनपद सहारनपुर के समस्त प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद रहे। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में जाने के बजाय अपने-अपने घरों में रहकर पूजा-अर्चना की तथा भगवान से सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। चंद्र ग्रहण के कारण फाल्गुन मास में मनाया जाने वाला पारंपरिक ‘फाग’ उत्सव भी मंगलवार को नहीं मनाया गया। अब यह आयोजन बुधवार को संपन्न होगा। सोमवार को विधि-विधान के साथ होलिका दहन संपन्न होने के पश्चात मंगलवार को प्रातःकाल से ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए थे। ग्रहण काल में किसी भी प्रकार का नियमित पूजन, आरती अथवा धार्मिक अनुष्ठान नहीं किया गया। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहण काल में मंदिरों के पट बंद रखने की परंपरा का पालन किया जाता है, जिसके चलते श्रद्धालुओं को पूर्व सूचना दे दी गई थी। मंगलवार को दोपहर लगभग 2ः20 बजे चंद्र ग्रहण आरंभ हुआ, जो सायं लगभग 6ः20 बजे तक चला। इस अवधि में श्रद्धालुओं ने घरों में ही मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और ध्यान के माध्यम से ईश्वर का स्मरण किया। कई परिवारों ने ग्रहण काल में व्रत भी रखा। ग्रहण समाप्ति के उपरांत देर शाम मंदिरों के कपाट पुनः खोले गए। इसके बाद मंदिर परिसरों में धुलाई, सफाई और शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की गई तथा विधिवत पूजा-अर्चना कर नियमित धार्मिक गतिविधियां प्रारंभ की गईं। श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर दर्शन किए और दान-पुण्य भी किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के पश्चात स्नान एवं दान का विशेष महत्व होता है। इसी परंपरा का पालन करते हुए अनेक श्रद्धालुओं ने जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र एवं दक्षिणा का वितरण किया। चंद्र ग्रहण को लेकर दिनभर शहर में धार्मिक वातावरण बना रहा। लोगों ने संयम एवं श्रद्धा के साथ परंपराओं का पालन करते हुए ग्रहण काल व्यतीत किया।

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